Monday, August 10, 2020

Intezar

 Intazaar me tere har ek pal ek arsa lgta hai....

Khuda ki kasam sirf tu hi muje apna or sirf apna lagta hai...

Friday, August 7, 2020

तुम्हारा गुस्सा

तुम गुस्सा करती हो मुझे अच्छा लगता है,

तुम गुस्सा करती हो मुझे अच्छा लगता है....

चलो कोई बात नहीं,

कोई तो है जो मुझे अपना समझता है.....



गुनाह

 गुनाह हमारा ही था जो उनसे इश्क कर बैठे,

उसकी हर एक अदा  को अपना समझ बैठे,

शयद हमारे इश्क़ की शिद्दत में कोई कमी रहे गई,

इसलिए वो हमारी चाहत को नादानी समझ बैठे....



तुमसे इश्क़

 तुमसे इश्क़ करना मेरा खुदा की नज़रों में भी जुर्म बन गया.....

हम तो गुलसिता बना रहे थे अपना जो अब मेरा जनाज़ा बन गया....



Intezar

 Intazaar me tere har ek pal ek arsa lgta hai.... Khuda ki kasam sirf tu hi muje apna or sirf apna lagta hai...